नैनीताल की सैर

By kartikey tripathi
Last modified 14 Nov 2018


नैनीताल हल्द्वानी रोड का नजारा

मेरी यात्रा 14 अक्तूबर 2016 को शुरू हुयी थी| इससे पहले मै देहरादून मसूरी कैम्प्टी फाल घूमा था, और पहली बार लिख रहा हूं|

मै नैनीताल ही क्यू गया ये बताना भी जरूरी है|

 
2012 मे नयी नयी फेसबुक ज्वाइन की और पता नही कैसे नैनीताल की लडकी से दोस्ती हुयी, पहले कमेंट, फिर मैसेज फिर फोन फिर व्हाटसअप भी आ गया सिलसिला चल निकला| आवाज ऐसे कि शहद फी फीका लगे, सुनो तो लगे बस बोलती ही रहे और पहाड की खूबसूरती की क्या मिसाल लेकिन मिलना नही हुया, वैसे तो लोगों ने फेसबुक से शादियां भी की है लेकिन किस्मत मुझ पर इतनी मेहरवान नही हुयी, तो सोचा उससे नही तो उसके शहर से मिल आते है तो दोस्तो के साथ प्रोग्राम बनता और बिगड्ता रहा, तो एक दिन सैर कर दुनियां की गाफिल याद कर निकल लिये अकेके अकेले| 
मैंने 13/10/2016 को शाम 8 बजे फर्रुखाबाद से बरेली के लिये बस पकडी, खाली बस थी जो रात मे अपनी पूरी रफ्तार से जा रही थी और 10 बजकर 30 मिनट पे बरेली पहुंच गया फिर वहा से पुराने बस अड्डे पहुंचा और जब तक खाना खाया बस हल्द्वानी के लिये चलने को तैयार हो गयी मै बैठा और 1 बजे हल्द्वानी बस अड्डे पहुंच गया|
वहा का अलग ही नजारा था, पहाडी गाने बज रहे थे, चारो तरफ दुकानो पे सेव बडी सजावट के साथ रखे थे रात के माहौल में ठन्डक थी| मुझे अनुमान था मै आखिरी पहर तक पहुचूंगा लेकिन यहा तो आधी रात ही है अब कहा जाऊ, आसपास देखा तो होटल दिख गया तो 400 रू से कम नही हुया मरता क्या ना करता सोना था तो जा के सो गया और बडिया नींद आयी|
सुबह 6 बजे अल्मोडा अल्मोडा रानीखेत रानीखेत की आवाज से आंख खुली क्योकि होटल की दीवार बस अड्डे से सटी हुयी थी| तैयार होते होते 7 बज गये नीचे गया ओर एक चाय पी के नैनीताल के लिये बस पकड ली|
हल्द्वानी से नैनीताल जितना खूबसूरत पहाडी रास्ता मैंने अभी तक नही देखा, खूबसूरती शब्दो से परे है, साफ सुंदर सड्क के एक तरफ हरा भरा पहाड तो दूसरी तरफ दिल दहला देने वाली गहरी खायी, बस मे सुबह सुबह कालेज वाले बच्चे भी चढ रहे थे तो कुछ अपने काम से जाने वाले लोग भी थे| खिडकी से बाहर ही झांकता रहा पुरे रास्ते जब नजर नीचे खायी पे जाती तो एक दम दिल धडक जाता| 40 किमी का सफर पता भी न चला कब पूरा हो गया और मै सुबह 8:30 बजे पहुंच गया तल्लीताल बस स्टैंड| 
बाकी अगली पोस्ट में|सर्प जैसे मोड

5 comment(s).
Guest User



कार्तिकेय जी, बहुत अच्छा लिखते हैं आप।
Reply  Cancle

आपका धन्यवाद! दिसम्बर आखिर मे अच्छी ठण्ड होती है और यहां की उपरी जगहो पर बर्फबारी की सम्भावना हो जाती है, नैनीझील मे बोटिंग कीजिये और झीले भी है खुर्पाताल नौकुचिया ताल भीमताल और दर्शनीय स्थल है हिमालय दर्शन, स्नोव्यू, टिफिनटाप, सुसाइड पाइंट, लवर पाइन्ट, चिडियाघर, केव गार्ड्न, चीना(नैनापीक) पीक, राजभवन, सेंटजोंस विल्ड्र्नेस चर्च,Pangot and Kilbury Bird Sanctuary,मालरोड और भोटिया मार्केट मे शापिंग, और रोपवे का भी मजा ले सकते है, बहुत कुछ और भी है| कुछ दूरी पर रानीखेत, अल्मोडा, मुक्तेश्वर भी हिल स्टेशन है जा सकते है|
Reply  Cancle

Planning to visit Nainital in next month. What are the best places to see their. Any advisory from your side like what should I do and what not ? How much will be cold there since this is winter season in North india.
Reply  Cancle

the way you wrote its very interesting bt you create a suspense with " बांकि अगले पोस्ट में"... waiting for your next post. keep writing.
Reply  Cancle

मज़ा आ रहा है आपकी कहानी पढ़ने में।दूसरा भाग भी लिखिए।बहुत अच्छा लिखा है।कौन सी जगह देखने लायक हैं नैनीताल की वो भी बताईएगा
Reply  Cancle

 
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