नैनीताल की सैर - Part 2

By kartikey tripathi
Last modified 22 Nov 2018

मै तल्लीताल बस अड्डे पर उतरा तो आसपास का नजारा देखकर मंत्रमुग्ध सा हो गया जैसे अपनी उसी प्रेमिका को देख लिया हो, मैंने उससे पूछा था कि तुम्हारी सबसे पसन्दीदा जगह कौन सी है तो उसने कहा था नैना पीक जिसे पहले चीना पीक भी बोलते थे तो मेरी यात्रा का केंद्र्बिंदु नैनापीक ही थी| बस से उतरकर मैंने एक उम्रदराज सिक्यूरिटी गार्ड से पुछा कि नैनी झील कोन सी है तो उन्होने बताया कि वो देखो तुम्हारे सामने है मै इतना खो चुका था कि मुझे मेरे सामने झील नजर नही आयी, मैंने उनसे सारे सवाल पूछ लिये नैना पीक लवर पाइंट सुसाइड पाइंट हिमालय दर्शन, कैमल्स बैक, टिफिन टाफ, राजभवन केव गार्डन, डीएसवी कालेज और पता नही क्या क्या पुछा अगर मै इतने सवाल किसी मैदानी आदमी से करता तो पक्का मुझे कब का भगा देता, उन्होने मुझे सब जगह के बारे मे समझा दिया| 

a beautiful view of Nainital from mall road

नैनी झील की खूबसूरती का क्या कहना नैनीताल की पहचान ही नैनीझील से है, नैनीझील आम के आकार मे ऊपर से नजर आती है| झील को उसमे लाइन से तैरती बतखे और असंख्य रंग बिरंगी मछलियां चार चांद लगा रहीं थी सैलानी बोटिंग का आनन्द ले रहे थे और कुछ नौजवान नौकायन और कयाकिंग की प्रेक्टिस कर रहे थे, झील के आसपास दो लेन की सडक बनी हुयी है लोअर माल रोड और अपर माल रोड जिसपे झील को निहारते हुये चहकदमी करना बहुत अच्छा लगता है तो मै लोअर माल रोड पर चलते हुये आगे बढने लगा कि तभी टैक्सी वालो को मुझे सैलानी समझने मे देर ना लगी और मुझे कई लोगो ने घेर लिया और मुझे सव टूरिस्ट प्लेस के एलबम दिखाने और जगह घूमने के बारे मे समझाने लगे लेकिन मै भी एक ही जिद पकड के बैठा था कि नैनापीक ही जाना है चलना है तो बोलो सब चले गये एक रह गया और बोला मै उस जगह तक 500 रू मे छोड दूंगा सौदा 300 रू मे तय हो गया और उसके फोन करने पर तुरंत आल्टो कार आ गई मैने बैठ्ने से पहले उससे बोला कि मै कुछ खाने के लिये और पीने के लिये पानी ले लूं क्योंकि हल्द्वानी से मै सिर्फ चाय पी के निकला था, उन गार्ड अंकल ने बोला था कि खाने का समान और पानी की 2 बोतल ले के जाना, ड्राइवर ने कहा कि वही किनारे पे एक दुकान है वहा मिल जायेगा तो कहा ठीक है चलो और बैठ गया ड्राइवर गाडी को शार्टकट से गलियों से ले गया जो खडी चढाई थी दोनो तरफ घर बने थे गाडी एकदम खडी हो के चढ रही थी मैंने एक हाथ से ऊपर हैंडिल और दूसरे से सीट पकड रखी थी और ड्राइवर से बातचीत होने लगी उसे मेरा अकेले आना बहुत अजीब लगा गली बहुत संकरी थी मै खिड्की से आसपास के घरो को बहुत ध्यान से देख रहा था कि इतने में एक सैलानी की भारी भरकम एसयूवी विपरीत दिशा से आ धमकी अब दोनो गाडियां निकलने की जगह नही ड्राइवर ने बडी मशक्क्त से गाडी एक साइड रोकी और दूसरी तरफ उस सैलानी को संकरे पहाडी रास्ते से गाडी निकालने मे बहुत दिक्क्त आरही थी मै उतर गया और आसपासके घरों को निहारता रहा रास्ते से नीचे साइड के मकानों को आंगन तक देखाजा सकता था मै इन्ही घरो मे अपनी प्रेमिका की निशानी खोजता रहा कि शायद इनमे से कोई घर उसका होगा|

नैनीझील का एक झरोखा तस्वीरे 2 साल पुरानी है तब मेरे पास एक छोटा सा पुराना मोबाइल ही था

15 मिनट मे रास्ता खाली हुया और फिर चल दिया कुछ और कुछ ही देर मे ड्राइवर ने मुझे वहां पहुचा दिया जहा से नैनापीक की चढाई शुरू होती है लेकिन ये क्या यहां तो कोई दुकान क्या किसी इंसान तक का कोई नामोनिशान नही तो मैंने ड्राइवर से पूछा कि दुकान कहां है.? उसने कहा शायद अभी सुबह है इस वजह से बन्द है और चलता बना अब ना तो मेरे पास खाने को कुछ भी और बोतल में सिर्फ दो घूंट पानी जो बरेली से ली थी और रास्ते मे बचा था, सामने देखा तो पहाड पर खडी चडाई थी और पतली सी पगढंडी ऊपर जा रही थी पहाड पे बहुत घना जंगल था और कोई भी आ जा नही रहा था इससे पहले मै कभी किसी पहाडी रास्ते पे नही गया और ऊपर से भूखा प्यासा चार पांच किमी की खडी चढाई अकेले पार करनी थी अब आ ही गये है तो देखते है|
कदम आगे बढाये अरे ये क्या.. आगे की तरफ झुक कर चलना पडा और दो चार कदम चढ्ने पे ही सांसे फूलने लगी दिल बहुत तेज धडकने लग, लगा आना बेकार हुया मै नही चढ सकता इस पहाडी पर ऐसा लगा.......

बाकी अगली पोस्ट में...

2 comment(s).
Guest User



पंकज जी बेहद धन्यवाद! मैंने पहली बार ही लिखा था अत: मै ये सब जानकारी अपनी आखिरी पोस्ट मे अवश्य रखूंगा, कृपया जरूर पढे |
Reply  Cancle

Very well written about Nainital.i hope anyone who is planning to go to Nainital will read your post carefully. However people wants to know everything like we are 4 in family should we go by train or bus or own vehicle ,what are the bus timings , what are the hotel rates, what type of foods is available there etc. It will be better if you consider all points in your next post from a person's point of view who is planning to visit there with family. Anyway ,this is a very good post.
Reply  Cancle

 
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